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Weather News: झुलसते दिनों के बाद आई ठंडी फुहार की आहट, सीहोर में 10 डिग्री लुढ़का पारा; सूरज के सितम हुए कम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 04:36 PM IST
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सार
Weather News: सीहोर में नौतपे के अंतिम दौर में मौसम ने करवट बदल दी। तेज हवाओं, घने बादलों और प्री-मानसून बारिश ने भीषण गर्मी की कमर तोड़ दी। 44 डिग्री से अधिक पहुंचा तापमान अचानक 34 डिग्री पर आ गया।
सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिछले पंद्रह दिनों से आग उगलते सूरज और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के बीच तड़प रहे सीहोर जिले को आखिरकार राहत की सांस मिल गई है। नौतपे के आखिरी चरण में मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया कि गर्मी का पूरा साम्राज्य भरभराकर ढह गया। तेज हवाओं, काले बादलों और प्री-मानसून बारिश ने जिले के मौसम को पूरी तरह बदल दिया। जावर और इछावर क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने तपते हुए जनजीवन को ठंडक का अहसास कराया और मानसून के आगमन का बिगुल बजा दिया।
बीते दो सप्ताह से सीहोर जिला भीषण गर्मी की गिरफ्त में था। सूरज की तपिश इतनी खतरनाक थी कि दोपहर के समय सड़कें वीरान नजर आने लगी थीं। बाजारों में सन्नाटा छा जाता था और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर थे। नौतपे ने आमजन, किसानों और मजदूरों की हालत खराब कर दी थी। लेकिन शनिवार को मौसम ने अचानक ऐसा पलटवार किया कि गर्मी के सारे तेवर धरे के धरे रह गए।
46 से 34 डिग्री पर पहुंचा तापमान, मौसम ने बदला पूरा खेल
20 मई को जिले का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन साबित हुआ। इसके बाद लगातार तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच बना रहा। शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन शनिवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने बड़ा उलटफेर कर दिया। महज कुछ घंटों में तापमान 10 से 12 डिग्री तक लुढ़क गया और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
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जावर और इछावर में बरसे बादल, लोगों ने ली राहत की सांस
शनिवार को जावर और इछावर क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। बादलों की घेराबंदी इतनी मजबूत रही कि कई इलाकों में दिनभर सूरज के दर्शन तक नहीं हुए। बारिश की फुहारों और ठंडी हवाओं ने वातावरण को पूरी तरह बदल दिया। लोग घरों से बाहर निकले और लंबे समय बाद राहत महसूस की। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरे पर मौसम की इस मेहरबानी की खुशी साफ दिखाई दी।
पढ़ें: पहले कार से भिड़ंत, फिर ट्रक में जा घुसी गाड़ी, छात्र की मौत; दोस्त गंभीर
धूलभरी आंधी ने दी मौसम बदलने की दस्तक
जिले के कई हिस्सों में सुबह से ही धूलभरी आंधी का दौर शुरू हो गया था। तेज रफ्तार हवाओं ने पेड़ों को झकझोर दिया और आसमान में धूल के गुबार छा गए। इसके बाद धीरे-धीरे काले बादलों ने पूरे आसमान को अपने कब्जे में ले लिया। मौसम का यह बदलता रंग लोगों के लिए किसी राहत भरे संदेश से कम नहीं था।
मौसम वैज्ञानिक ने बताए बदलाव के पीछे के कारण
शासकीय कृषि महाविद्यालय स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. तौमर ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है और यह संकेत दे रही है कि मानसून अपनी तय समयावधि के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
अगले 48 घंटे रहेंगे अहम, फिर बरस सकते हैं बादल
मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। विभाग के अनुसार जिले के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत हुआ तो कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश भी हो सकती है। किसानों के लिए यह खबर किसी राहत पैकेज से कम नहीं है।
किसानों और आम जनता के चेहरे पर लौटी मुस्कान
लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बदलाव उम्मीदों की नई किरण लेकर आया है। खेतों में नमी बढ़ने से आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को बल मिलेगा। वहीं आम लोगों को भी बिजली कटौती, गर्म हवाओं और उमस से बड़ी राहत मिली है। कूलर और एसी पर निर्भरता कम होने लगी है और लोग खुले वातावरण का आनंद ले रहे हैं।
मानसून का काउंटडाउन शुरू, राहत का मौसम अब दूर नहीं
प्री-मानसून बारिश और मौसम की सक्रियता ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब मानसून ज्यादा दूर नहीं है। नौतपे की तपिश को पीछे छोड़ते हुए सीहोर अब राहत भरे मौसम की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के संकेतों ने उम्मीद जगा दी है कि जल्द ही मानसून जिले में दस्तक देगा और तपती धरती को पूरी तरह तरबतर कर देगा। फिलहाल जिले में मानसून का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और हर निगाह आसमान पर टिकी हुई है।
बीते दो सप्ताह से सीहोर जिला भीषण गर्मी की गिरफ्त में था। सूरज की तपिश इतनी खतरनाक थी कि दोपहर के समय सड़कें वीरान नजर आने लगी थीं। बाजारों में सन्नाटा छा जाता था और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर थे। नौतपे ने आमजन, किसानों और मजदूरों की हालत खराब कर दी थी। लेकिन शनिवार को मौसम ने अचानक ऐसा पलटवार किया कि गर्मी के सारे तेवर धरे के धरे रह गए।
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46 से 34 डिग्री पर पहुंचा तापमान, मौसम ने बदला पूरा खेल
20 मई को जिले का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन साबित हुआ। इसके बाद लगातार तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच बना रहा। शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन शनिवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने बड़ा उलटफेर कर दिया। महज कुछ घंटों में तापमान 10 से 12 डिग्री तक लुढ़क गया और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
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धूलभरी आंधी ने दी मौसम बदलने की दस्तक
जिले के कई हिस्सों में सुबह से ही धूलभरी आंधी का दौर शुरू हो गया था। तेज रफ्तार हवाओं ने पेड़ों को झकझोर दिया और आसमान में धूल के गुबार छा गए। इसके बाद धीरे-धीरे काले बादलों ने पूरे आसमान को अपने कब्जे में ले लिया। मौसम का यह बदलता रंग लोगों के लिए किसी राहत भरे संदेश से कम नहीं था।
मौसम वैज्ञानिक ने बताए बदलाव के पीछे के कारण
शासकीय कृषि महाविद्यालय स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. तौमर ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है और यह संकेत दे रही है कि मानसून अपनी तय समयावधि के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
अगले 48 घंटे रहेंगे अहम, फिर बरस सकते हैं बादल
मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। विभाग के अनुसार जिले के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत हुआ तो कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश भी हो सकती है। किसानों के लिए यह खबर किसी राहत पैकेज से कम नहीं है।
किसानों और आम जनता के चेहरे पर लौटी मुस्कान
लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बदलाव उम्मीदों की नई किरण लेकर आया है। खेतों में नमी बढ़ने से आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को बल मिलेगा। वहीं आम लोगों को भी बिजली कटौती, गर्म हवाओं और उमस से बड़ी राहत मिली है। कूलर और एसी पर निर्भरता कम होने लगी है और लोग खुले वातावरण का आनंद ले रहे हैं।
मानसून का काउंटडाउन शुरू, राहत का मौसम अब दूर नहीं
प्री-मानसून बारिश और मौसम की सक्रियता ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब मानसून ज्यादा दूर नहीं है। नौतपे की तपिश को पीछे छोड़ते हुए सीहोर अब राहत भरे मौसम की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के संकेतों ने उम्मीद जगा दी है कि जल्द ही मानसून जिले में दस्तक देगा और तपती धरती को पूरी तरह तरबतर कर देगा। फिलहाल जिले में मानसून का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और हर निगाह आसमान पर टिकी हुई है।

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